लंबे समय से देहरादून जेल में बंद है आरोपी पुलिसकर्मी, वर्ष 2009 में देहरादून में हुआ था फर्जी एनकाउंटर

लंबे समय से देहरादून जेल में बंद है आरोपी पुलिसकर्मी, वर्ष 2009 में देहरादून में हुआ था फर्जी एनकाउंटर

देहरादून:- 3 जुलाई 2009 को देहरादून में हुए गाजियाबाद के युवक रणवीर सिंह के मुठभेड़ प्रकरण में देहरादून पुलिस के कुछ पुलिसकर्मियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने पांच पुलिसकर्मियों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। पुलिसकर्मियों के नाम तत्कालीन डालनवाला प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार जयसवाल, उप निरीक्षक नितिन चौहान, तत्कालीन नालापानी चौकी प्रभारी नीरज यादव, तत्कालीन आरा घर चौकी प्रभारी जीडी भट्ट एवं आरक्षी अजीत है। लंबे समय से उक्त सभी आरोपी पुलिसकर्मी देहरादून जेल में बंद है और अब जमानत मिलने के बाद उन्हें रिहा किया जाएगा। दोषी पुलिसकर्मियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता हर्ष वीर प्रताप शर्मा स्नेह सुप्रीम कोर्ट में पुलिस कर्मियों को जमानत देने की दलीलें रखी जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जताते हुए जमानत के आदेश पारित किए। इससे पूर्व प्रकरण से ही जुड़े तत्कालीन नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी राजेश को भी जमानत पर रिहा किया जा चुका है।

बता दें कि उक्त प्रकरण वर्ष 2009 में देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में प्रकाश में आया था। तत्कालीन नगर चौकी प्रभारी जीटी भट्ट के साथ मैनेजमेंट के छात्र गाजियाबाद निवासी रणवीर सिंह का कुछ विवाद हुआ था जिसके बाद रणवीर सिंह को पुलिस वालों ने रिंग रोड के जंगलों में मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया था। बाद में यह पूरा प्रकरण पुलिसकर्मियों के गले पड़ गया और पुलिसकर्मी रणवीर सिंह की हत्या के दोषी पाए गए।

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