नौ साल बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की अचानक मुलाकात से आखिर क्यों है चर्चाओं का बाजार गर्म, जाने पूरी खबर

नौ साल बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की अचानक मुलाकात से आखिर क्यों है चर्चाओं का बाजार गर्म, जाने पूरी खबर

देहरादून: नौ साल बाद प्रदेश के दो बड़े सियासतदां की अचानक मुलाकात ने सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की मुलाकात की एक तस्वीर तेजी से वायरल हुई। इसके बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

यह पहला मौका नहीं था, जब हरीश रावत पहली बार किसी भाजपा नेता से मिल रहे थे, बल्कि इस बीच करीब आधा दर्जन से अधिक नेता उनसे उनके घर पर जाकर मुलाकात कर चुके हैं। हालांकि इस मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर हरीश ने कुछ इस अंदाज में जवाब दिया कि …जहां दवा होती है, बीमार को जाना ही पड़ता है।

हरीश रावत ने कहा कि दो दिन पहले एक शादी समारोह में उनकी सतपाल महाराज से मुलाकात हुई थी। इस दौरान उन्होंने उनसे पोस्ट कोविड से संबंधित दिक्कतों के बारे में चर्चा की। इसके बाद महाराज ने उन्हें कुछ आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में जानकारी दी। कहा कि वह खुद आकर यह दवाएं दे जाएंगे।

हरीश रावत ने कहा- मैं अगर बीमार हूं तो दवा लेने भी मैं खुद आऊंगा

उन्होंने कहा कि वह क्यों आएंगे, मैं अगर बीमार हूं तो दवा लेने भी मैं खुद आऊंगा। जहां दवा होती है, वहां बीमार को जाना ही पड़ता है। इसलिए मैं खुद दवा लेने सतपाल महाराज के पास गया था। हरीश ने कहा कि इसके कोई सियासी मायने नहीं निकाले जाने चाहिए। वह महाराज का एक आध्यात्मिक पुरुष के नाते हमेशा से सम्मान करते हैं। राजनीति अपनी जगह है और व्यवहारिक संबंध अपनी जगह। महाराज खाना खाने-खिलाने के शौकिन हैं, इसलिए उन्होंने बिना खाना खिलाए आने भी नहीं दिया।

हरीश से मिल चुके कई भाजपा नेता

पिछले कुछ दिनों से तमाम भाजपा नेता हरीश रावत के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात कर चुके हैं। पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। फिर विधानसभा अध्यक्ष रितु भूषण खंडूरी। इसके बाद भाजपा की दो महिला विधायक सरिता आर्य और शैला रानी रावत पूर्व मुख्यमंत्री हरीश से मिल चुकी हैं।

भाजपाइयों में हरीश रावत से मिलने की इस होड़ से सियासी हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि राजनीतिक और वैचारिक रूप से ये विरोधी आए दिन पूर्व सीएम के घर आखिर क्यों दस्तक दे रहे हैं? इसके बाद शुक्रवार को सतपाल महाराज से मुलाकात ने चर्चाओं के बाजार को और गर्म कर दिया। कहा यह भी जा रहा है कि जितने भाजपाई जीतने के बाद हरीश से मिल चुके हैं, उतने कांग्रेसी विधायक भी अब तक हरीश के घर नहीं पहुंचे हैं।

News Glint

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.