गणतंत्र दिवस पर छा रहा खतरा, सीमा पार से हो रही हिंसा की साजिश

गणतंत्र दिवस पर छा रहा खतरा, सीमा पार से हो रही हिंसा की साजिश

दिल्ली में हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली: गणतंत्र दिवस के अवसर पर आतंकियों द्वारा किजा रही है हिंसा फैलाने की कोशिश। अब तक जम्मू क साथ साथ दिल्ली ,पंजाब की सीमाओं पर भी मिले आईईडी और ड्रोन। जिसके बाद सुरक्षा बलों को सतर्कता से जांच करने के आदेश मिले है ।

गणतंत्र दिवस पर सीमा पार से जम्मू-कश्मीर में व्यापक पैमाने पर हिंसा फैलाने की साजिश रची जा रही है । सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि आईएसआई के इशारे पर घाटी में आईईडी धमाका किया जा सकता है। इसके अलावा सुरक्षा बलों पर हमले और पुलिसकर्मियों एवं नागरिकों की हत्याएं कर माहौल बिगाड़ने की साजिश है। एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से सटे सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमले की भी आशंका है। इसके लिए जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा को जिम्मा सौंपा गया है।

सुरक्षा एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग कर युवाओं को भड़काने की साजिशें की जा रही हैं। इसके तहत केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ युवाओं को उकसाना व आतंकी गतिविधियों में शामिल होकर हमले करना शामिल है। सूत्र बताते हैं कि सीमा पार से जैश और लश्कर को जिम्मेदारी सौंपकर ज्यादा से ज्यादा संख्या में हाइब्रिड आतंकियों को घटनाओं का टास्क सौंपने को कहा गया है ताकि बिना किसी शक के वे घटनाओं को अंजाम दे सकें।

सूत्रों ने बताया कि कुपवाड़ा का रहने वाला आतंकी डॉ. आशिफ डार जो इन दिनों पाकिस्तान में है, वह आतंकी संगठन लश्कर के लिए काम कर रहा है। वह घाटी के युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से बरगला रहा है। कई युवकों को उसने सुरक्षा बलों पर हमले के लिए तैयार किया है जो पिछले दिनों सुरक्षा बलों के हत्थे चढ़े। इतना ही नहीं, हिंसा के लिए घाटी में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकियों को भी हमले की जिम्मेदारी सौंपी गई है जो स्थानीय आतंकियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दे सकें। सूत्रों ने बताया कि आतंकियों की ओर से किसी विशेष जगह को निशाना बनाए जाने का इनपुट नहीं है, लेकिन गणतंत्र पर श्रीनगर में समारोह स्थल और आसपास के इलाकों, एलओसी से सटे प्रतिष्ठानों, पावर प्रोजेक्ट को निशाना बनाया जा सकता है।

बता दें की बांदीपोरा में 15 जनवरी को सेब के बगीचे में छिपाकर रखी गई 10 किलो आईईडी और श्रीनगर के नौहट्टा इलाके से 14 जनवरी को कुकर आईईडी बरामद की गई। इससे पहले श्रीनगर-कुपवाड़ा हाईवे पर भी आतंकियों की ओर से प्लांट की गई आईईडी को बरामद किया गया। गांदरबल में भी सेब के बगीचे से आतंकियों की ओर से छिपाए गए विस्फोटकों के जखीरे को गत शुक्रवार को बरामद किया गया। इसमें रॉकेट लॉंचर के हथगोले और आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी थी।

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