आज भी लेग-स्पिन के किंग द्वारा फेंकी गई प्रतिष्ठित ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यादगार है

आज भी लेग-स्पिन के किंग द्वारा फेंकी गई प्रतिष्ठित ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यादगार है

दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न का शुक्रवार (4 मार्च) को निधन हो गया। फॉक्स स्पोर्ट्स न्यूज के मुताबिक, वॉर्न थाईलैंड के कोह सामुई में थे। माना जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। 145 टेस्ट में 708 विकेट लेने वाले दुनिया के महातम स्पिनर शेन वॉर्न के निधन से क्रिकेट जगत हैरान हो गया है। उन्होंने 194 वनडे मैचों में 293 विकेट लिए थे। वॉर्न ने दुनिया भर के बल्लेबाजों को अपनी गेंद पर नचाया था। वे पहली बार 1993 में चर्चा में आए थे।

वार्न ने 15 साल पहले अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था, लेकिन आज भी लेग-स्पिन के किंग द्वारा फेंकी गई प्रतिष्ठित ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यादगार है। टेस्ट क्रिकेट में शेन वॉर्न 700 से ज्यादा विकेट लेने वाले दुनिया के इकलौते लेग स्पिनर हैं। 29 साल पहले मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज के टेस्ट मैच में इंग्लैंड के बल्लेबाज माइक गैटिंग को क्लीन बोल्ड कर वार्न ने दुनिया को चौंका दिया था। वार्न द्वारा फेंकी गई जादुई गेंद गैटिंग के ऑफ स्टंप को हिट करने के लिए 90 डिग्री मुड़ी थी।

भारत के खिलाफ 1992 में किया था डेब्यू

साल 1992 में सिडनी में शेन वार्न ने भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। वह अपने पहले टेस्ट में ज्यादा कुछ नहीं कर पाए और सिर्फ एक विकेट ही ले पाए थे। 1993 की एशेज सीरीज में से पहले वार्न (11 टेस्ट में 32 विकेट) को एक औसत लेग स्पिनर माना जाता था। वॉर्न ने 1992 के बॉक्सिंग-डे टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ 52 रन देकर 7 विकेट लिए थे।उनकी असली प्रतिभा 1993 की एशेज सीरीज में सामने आई थी। उन्होंने अपनी पहली एशेज सीरीज में 5 टेस्ट में 29 विकेट लिए थे। 1993 के एशेज टेस्ट के पहले ओवर में वार्न ने पिच से फायदा उठाया और एक बेहतरीन लेग स्पिन फेंकी, जो माइक गैटिंग के लेग स्टंप के बाहर पिच हुई, लेकिन घूमकर ऑफ स्टंप के ऊपर जा टकराई।

विवादों से भरा रहा था वॉर्न का करियर

वॉर्न दुनिया के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट में 3000+ रन बनाए, लेकिन कभी शतक नहीं जड़ा। उनका करियर मैदान के बाहर कई बार विवादों में रहा। वह प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन करने के भी दोषी पाए गए थे। उन पर प्रतिबंध भी लगा था। इसके अलावा सट्टेबाजी के भी कई आरोप लगे थे।

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