इंडिगो ने अप्रैल में देश के अपने प्रतिद्वंदी एयरलाइनों से बढ़त हासिल करते हुए घरेलू बाजार में अपना कब्जा बनाया

इंडिगो ने अप्रैल में देश के अपने प्रतिद्वंदी एयरलाइनों से बढ़त हासिल करते हुए घरेलू बाजार में अपना कब्जा बनाया

नई दिल्ली: इंडिगो ने अप्रैल में देश के अपने प्रतिद्वंदी एयरलाइनों पर बढ़त को और बड़ी करते हुए घरेलू बाजार में करीब 59 प्रतिशत बाजार पर अपना कब्जा बनाया। इस दौरान उसने 64.11 लाख यात्रियों को उनके स्थान तक पहुंचाया। दूसरे नंबर पर रहीं टाटा समूह की तीनों एयरलाइनों की सम्मलित बाजार हिस्सेदारी घटकर अप्रैल में 21.3 प्रतिशत रही।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इंडिगो ने गत मार्च में 58.61 लाख यात्रियों को उनके स्थान तक पहुंचाया था और उस माह बाजार में उसकी हिस्सेदारी 54.8 प्रतिशत थी। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार टाटा समूह की तीनों एयरलाइनों-एयर इंडिया, एयर एशिया इंडिया और विस्तारा के यात्रियों की अप्रैल 2022 की संख्या एक माह पहले की तुलना में कम रही है। इन तीनों एयरलाइनों ने अप्रैल 2022 में अपने घरेलू नेटवर्क में 23.22 लाख यात्रियों को उड़ान सेवाएं दी जबकि मार्च में यह संख्या 25.90 लाख थी।

टाटा समूह की अप्रैल में घरेलू बाजार में हिस्सेदारी 21.3 प्रतिशत रही जो मार्च में 24.2 प्रतिशत थी। टाटा समूह ने अक्टूबर, 2021 में सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया की प्रतिस्पर्धी बोली लगाकर जनवरी के अंत में इसका अधिग्रहण किया था। विमानन क्षेत्र के एक अनुभवी ने कहा कि टाटा समूह के प्रदर्शन को इतनी जल्दी जांचना सही नहीं होगा क्योंकि वे अभी भी एयर इंडिया को व्यवस्थित करने में लगे हुए हैं।

उन्होंने नाम उजागर ना करने की शर्त पर कहा, ’एयर इंडिया को प्रतिद्वंदियों से आगे निकलने के लिए क्षमता में बढ़ोतरी करनी होगी। कंपनी ने हाल ही में एक नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। जिससे संचालन और वित्तीय प्रदर्शन में स्पष्ट बदलाव लाने में कुछ समय लगेगा।’ अप्रैल 2022 में घरेलू विमानन क्षेत्र में स्पाइसजेट की हिस्सेदारी 9.2 प्रतिशत और गोफर्स्ट की हिस्सेदारी 10.2 प्रतिशत रही।

स्पाइजेट और गोफर्स्ट की मार्च में हिस्सेदारी क्रमश: 9.5 प्रतिशत और 9.8 प्रतिशत थी। घरेलू एयरलाइनों (एलायंस एयर को छोडक़र) ने जनवरी-अप्रैल 2022 के दौरान 22.58 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ कुल 356.80 लाख यात्रियों को उनके स्थान तक पहुंचाया, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह संख्या 291.08 लाख थी।

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