भूकंप का पूर्वानुमान नियमित तौर पर लगाना हुआ जरूरी, नेपाल में 6.3 रिएक्टर स्केल का भूकंप, उत्तर भारत तक दिखा असर

भूकंप का पूर्वानुमान नियमित तौर पर लगाना हुआ जरूरी, नेपाल में 6.3 रिएक्टर स्केल का भूकंप, उत्तर भारत तक दिखा असर

देहरादून:- दैनिक मौसम की रिपोर्ट के समान हरिया जरूरी हो गया है कि भूकंप का पूर्वानुमान भी होना चाहिए तथा लोगों को इस संबंध में पहले से सचेत करना चाहिए। देर रात नेपाल में भूकंप का केंद्र बना जो भारत के उत्तरी क्षेत्र में काफी दूर तक महसूस किया गया।

रात लगभग 1:30 बजे के बाद 6.3 रिएक्टर स्केल का भूकंप महसूस किया गया जिसका केंद्र नेपाल का मानिकपुर क्षेत्र बताया गया है। इस भूकंप के कारण नेपाल में एक मकान ढह गया जिसमें 6 लोगों की जान चली गई। देर रात आए भूकंप का असर दिल्ली, एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश तक देखने को मिला। उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में इसका असर ज्यादा महसूस किया गया हालांकि उत्तराखंड से किसी बड़े नुकसान की अभी तक सूचना नहीं है। भूकंप का केंद्र नेपाल के मणिपुर में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे 6.3 रिक्टर स्केल का था।

रात लगभग 1.57 बजे आए इस भूकंप ने अब मौसम विज्ञानियों को या सोचने पर विवश कर दिया है कि दैनिक मौसम की रिपोर्ट के साथ ही आम लोगों को संभावित भूकंप के बारे में भी अनिवार्य तौर पर सचेत किया जाए। इससे पूर्व भी उत्तराखंड में चंद दिन पहले भूकंप के झटके महसूस किए गए थे और तब भी भूकंप का पूर्वानुमान नहीं किया गया था। नेपाल में भूकंप का पहला झटका 8:52 4.9 पर दूसरा 9.41 व तीसरा 1:57 6:3 मिनट पर महसूस किया गया।

नेपाल भूकंप के लिए हादसे काफी संवेदनशील बना हुआ है। वर्ष 2015 में नेपाल में बड़ा भूकंप आया था जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी जबकि नेपाल को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। जिसके पास भी नेपाल में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे जिसका असर उत्तर भारत तक दिखाई दिया। दे रहा था वो काम भी नेपाल के मानिकपुर से शुरू हुआ जिसका असर उत्तर भारत में भी बड़े पैमाने पर महसूस किया गया।

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