विकास नहीं तो वोट नहीं

विकास नहीं तो वोट नहीं

 टिहरी:- विधानसभा चुनाव कुछ ही दिन दूर है, लेकिन चुनाव से पूर्व धनोल्टी विधानसभा के छजुला पटटी के करीब एक दर्जन गांव जिसमें मवाणा, कफोल्टी, जिंसी, नौथा आदि गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित  है सड़क ना होने के कारण ग्रामीण काफी परेशान हैं ।आजादी के 74 साल बाद भी राजधानी से मात्र कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित धनोल्टी विधानसभा के छजुला पट्टी के दर्जनों गांव सड़क जैसी महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित है वही बिजली मात्र दिखाने के लिये है जिसको लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है वहीं ग्रामीणों द्वारा स्वंय श्रम दान कर 7 किलोमीटर की कच्ची सडक का निर्माण किया गया है वह समय समय पर सडक पर आये मलवे और पत्थरों को हटाने का काम करते है। ग्रामीणों द्वारा 2022 में किसी भी नेताओं को वोट ना देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सड़क नहीं तो वोट नहीं और अगामी 2022 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी करेंगे । केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश को ऑल वेदर रोड के माध्यम से सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है परंतु उत्तराखंड के धनोल्टी विधानसभा के छजुला पट्टी में सड़क ना होने के कारण ग्रामीणों ने आगामी चुनाव का बहिष्कार करेगे।

ग्राम पंचायत मवाणा प्रधान सबल सिंह पवार और रीतिक कैन्तुरा का कहना है कि चुनाव के समय पर ही नेता दिखाई देते हैं, और बड़े बड़े वादे करते हैं परंतु चुनाव जीत जाने के बाद कोई भी नेता उनकी सुध लेने को आता ही नहीं है ऐसे में वह 2022 के चुनाव में नेताओं के बहकावे में नहीं आने वाले हैं और जब तक उनकी सड़क की मांग पूरी नही हो जाती वह वोट भी नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि आज गांव की महिलाएं बुजुर्ग परेशान है कई किलोमीटर पैदल चलकर लोग अस्पताल पहुंचते हैं कई लोगों की समय में अस्पताल ना पहुंचने पर जान भी चली गई परंतु ना तो इस और जनप्रतिनिधि ध्यान देता है और ना ही चुनाव में प्रतिभाग करने वाले नेता।

ग्रामीण रितिक कैन्तुरा ने बताया कि क्षेत्र में सड़क ना होने के कारण क्षेत्र का विकास नहीं हो पा रहा है। छजुला पट्टी के करीब एक दर्जन गांवों से युवा लगातार पलायन कर रहे हैं उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र को सड़क से जोड़ दिया जाए तो छोटे उद्योग स्थापित हो सकते हैं परंतु ना कोई तो सरकार है और ना ही प्रशासन ध्यान दे रहा है ऐसे में रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे के साथ 2022 में चुनाव का बहिष्कार करने जा रहे है उन्होंने कहा कि सोमवार को ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मिलेगा अगर उनको सकारात्मक जवाब नहीं मिलता है तो वह आगामी चुनाव में प्रतिभाग नहीं करेंगे।

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