कश्मीरी पंडितो को याद कर बोली मिलबेन – दुनिया भर में धार्मिक उत्पीड़न जारी है

कश्मीरी पंडितो को याद कर बोली मिलबेन – दुनिया भर में धार्मिक उत्पीड़न जारी है

अमेरिका: 1990 में कश्मीरी पंडितों का पलायन सबसे बड़ा दुःख देने वाला था। अपने घरो को छोड़ने और अपने धर्म को परिवर्तन करने वाली वह घटना आज भी लोगो के दिलो को दहला देती है। विस्थापित कश्मीरी पंडित हर साल दुनिया के विभिन्न हिस्सों में कश्मीर घाटी से समुदाय के पलायन की याद में कई कार्यक्रम आयोजित करते हैं। 39 साल की मैरी मिलबेन ने एक ट्वीट कर ‘पलायन दिवस’ को चिह्नित किया और कहा कि उनकी प्रार्थनाएं समुदाय के साथ हैं। अमेरिकी अभिनेत्री मैरी मिलबेन ने कश्मीरी पंडितों के पलायन को किया याद, कहा-दुनियाभर में धार्मिक उत्पीड़न जारी है।

पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों द्वारा धमकियां देने तथा हत्याएं करने के कारण 1990 में घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन को अमेरिकी अभिनेत्री और गायिका मैरी मिलबेन ने याद किया है। उन्होंने कहा कि उनकी प्रार्थनाएं कश्मीरी पंडित समुदाय के साथ हैं, क्योंकि अब भी कई लोग अपने प्रियजन, घरों और सांस्कृतिक उपस्थिति को खोने का शोक मना रहे हैं। विस्थापित कश्मीरी पंडित हर साल दुनिया के विभिन्न हिस्सों में कश्मीर घाटी से समुदाय के पलायन की याद में कई कार्यक्रम आयोजित करते हैं। 39 साल की मिलबेन ने एक ट्वीट कर ‘पलायन दिवस’ को चिह्नित किया और कहा कि उनकी प्रार्थना समुदाय के साथ हैं।

मिलबेन ने कहा, ‘दुनिया भर में धार्मिक उत्पीड़न जारी है। आज हम पलायन दिवस की भयावहता को याद करते हैं। जब इस्लामी आतंकवादियों कश्मीर में नरसंहार और जातीय सफाया के कारण कश्मीरी पंडितों को पलायन करना पड़ा था। मेरी प्रार्थनाएं कश्मीरी पंडित समुदाय के साथ हैं, क्योंकि अब भी कई लोग अपने प्रियजन, घरों और सांस्कृतिक उपस्थिति के खोने का शोक मना रहे हैं।

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