झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की कुर्सी पर खतरा? चुनाव आयोग (election Commission) ने माइनिंग लीज केस (mining lease case) में गवर्नर को रिपोर्ट भेजी

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की कुर्सी पर खतरा? चुनाव आयोग (election Commission) ने माइनिंग लीज केस (mining lease case) में गवर्नर को रिपोर्ट भेजी

नई दिल्ली: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) की मुख्यमंत्री की कुर्सी जानी तय मानी जा रही है। ऑफिस ऑफ प्रॉफिट (office of profit) के मामले में उनकी विधानसभा की सदस्यता खत्म हो सकती है। जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग (election Commission) ने माइनिंग लीज केस (mining lease case) में गवर्नर को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग ने हेमंत सोरेन की विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी है।

हेमंत सोरेन ने अपने नाम खनन लीज आवंटित कराई थी

बीजेपी ने हेमंत सोरेन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने माइनिंग लीज आवंटन के क्रम में एक लीज अपने नाम पर भी आवंटित कराया था। बीजेपी ने जब आपत्ति जताई तो हेमंत सोरेन ने इसे वापस कर दिया था। बीजेपी ने इसे भ्रष्टाचार बताते हुए ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का मुद्दा उठाया और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 (Representation of the People Act 1951) की धारा 9 ए (Section 9A) का हवाला देते हुए हेमंत सोरेने की सदस्यता खत्म करने की मांग की। इस संबंध में बीजेपी ने गवर्नर से शिकायत की। जिस वक्त हेमंत सोरेन ने अपनी नाम खनन लीज आवंटित की थी उस वक्त खनन और वन मंत्री का पद हेमंत सोरेन के पास ही था।

अयोग्यता से संबंधित मामले में राज्यपाल का फैसला अंतिम

संविधान के अनुच्छेद 192 के तहत, किसी राज्य के विधानमंडल के किसी सदन के किसी सदस्य की अयोग्यता से संबंधित कोई मामला आता है तो इसे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा और उनका फैसला अंतिम होगा। उसमें कहा गया है, “ऐसे किसी भी मामले पर कोई निर्णय देने से पहले राज्यपाल निर्वचन आयोग की राय लेंगे और उस राय के अनुसार कार्य करेंगे”

यह जश्न मनाने का दिन है-निशिकांत दुबे

वहीं बीजेपी नेता निशिकांत दुबे ने कहा- पत्रकारों ने मुझे बताया कि हेमंत सोरेन स्दस्यता चली गई है। चुनाव आयोग ने राज्यपाल को इसकी सिफारिश की थी। एक भाजपा कार्यकर्ता के रूप में यह खुशी की बात है क्योंकि यह भाजपा ही है जिसने राज्यपाल से शिकायत की थी। यह जश्न मनाने का दिन है।

सीएम के लिए पत्नी का नाम आगे बढ़ा सकते हैं सोरेन

हेमंत सोरेन की विधानसभा की सदस्यता खत्म होने की स्थिति में झारखंड मुक्ति मोर्चा सभी विकल्पों पर चर्चा कर रही है। माना जा रहा है कि सीएम का पद सोरेन परिवार के पास ही रहेगा। माना जा रहा है कि विधानसभा की सदस्यता खत्म होने पर हेमंत सोरेन विकल्प के तौर पर अपनी पत्नी कल्पना सोरेन का नाम आगे बढ़ा सकते हैं। इस बीच महाधिवक्ता राजीव रंजन सीएम आवास पहुंचे हैं। सारे विधायकों को सीएम आवास बुलाया गया है और धीरे-धीरे सारे विधायक आगे की रणनीति तैयार करने के लिए पहुंच रहे हैं। राज्यपाल रमेश बैस भी दिल्ली से रांची पहुंच चुके हैं।

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