वित्त विकास निगम के सहयोग से ड्रीम्स संस्था ने जौनपुर ब्लॉक में शुरू किया स्वरोजगारपरक ऊन वस्त्र प्रशिक्षण कार्यक्रम

वित्त विकास निगम के सहयोग से ड्रीम्स संस्था ने जौनपुर ब्लॉक में शुरू किया स्वरोजगारपरक ऊन वस्त्र प्रशिक्षण कार्यक्रम

टिहरी: टिहरी गढ़वाल जनपद के जौनपुर ब्लाक के ग्राम साटागाढ़ (बासी) में समाज कल्याण विभाग टिहरी के अर्न्तगत उत्तराखण्ड बहुउददेशीय वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से डेवलपमेंट इन रूरल इम्बासमेंट एण्ड मोटिवेशन सोसाइटी (ड्रीम्स सोसाइटी) चम्बा टिहरी गढ़वाल के द्वारा शिल्पी ग्राम (अनु०जा०) योजनार्न्तगत ग्राम साटागाढ बांसी में ऊनी वस्त्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि नवीन रावत वित्त एवं विकास निगम/सहायक समाज कल्याण अधिकारी टिहरी गढ़वाल, विशिष्ट अतिथि पंकज कुमार क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी, राम चंद्र भट्ट सरंक्षक ड्रीम्स संस्था, अमित भट्ट जिला कोआर्डिनेटर ड्रीम्स टिहरी गढ़वाल, लाखी राम ग्राम संयोजक, विनीता देवी ग्राम प्रधान साटागाढ़ (बांसी) सोसायटी, संस्था सचिव दीप प्रकाश नौटियाल, नीलम नौटियाल मैनेजर ड्रीम्स इनफ़ोसिस, संस्था सदस्य सुनीता भट्ट, रीना देवी ग्राम प्रधान अलमस, विनीता देवी अध्यक्ष महिला मंगल दल आदि गणमान्य लोगों की उपस्थिति में शुभारम्भ किया गया।

मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुभकामनायें देते हुए प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने का आग्रह किया। राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगारपरक कार्यक्रम संचालित किये जा रहे है। कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त वार्ड सदस्य, समस्त प्रशिक्षणार्थी तथा विलेज कोअडिनेटर लाखी राम ने विशेष भूमिका निभाई, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन संस्था के विलेज कॉर्डिनेटर लाखीराम द्वारा किया गया। संस्था के सचिव दीप प्रकाश नौटियाल द्वारा कार्य की विस्तृत जानकारी दी गई। समस्त कार्यक्रम का सयोजन मुख्य प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर मुकेश नौटियाल द्वारा किया गया।

दीप प्रकाश नौटियाल द्वारा बताया गया कि यह ऊनी वस्त्र प्रशिक्षण 6 माह में समपन्न होगा, इसके अर्न्तगत समस्त प्रशिक्षणार्थियों को प्रत्येक माह 500 रु छात्रवृत्ति के रूप में प्रशिक्षण के अन्तिम माह में पूर्ण धनराशि निर्गत की जायेगी। मास्टर ट्रेनर के रूप में श्रीमती प्रीती भाट्टी ने कार्यक्रम प्रारूप की प्रस्तावना रखी। यह कार्यक्रम भारत सरकार के द्वारा स्वरोजगार से जोड़ने हेतु किया जा रहा है। प्रशिक्षणार्थी अपना स्वरोजगार व मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य कर सकते है। इस प्रशिक्षण हेतु 60 आवेदकों के द्वारा आवेदन किया गया।

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