कोरोना काल में मसीहा बने ऊना के जगतार – पीएम मोदी ने भी की प्रशंसा

कोरोना काल में मसीहा बने ऊना के जगतार – पीएम मोदी ने भी की प्रशंसा

हिमाचल प्रदेश:- कोरोनाकाल में जहां चारो तरफ हाहाकार मच हुआ ता वही उस दौरान ऊना के जगतार उर्फ जय चौधरी के समाजसेवा में लगे थे। बता दें की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में ऊना के जगतार उर्फ जय चौधरी के समाजसेवा के क्षेत्र में किए कार्यों की सराहना की है। पीएम ने जय चौधरी की ओर से हाल में ही आइआइटी (बीएचयू) फाउंडेशन को एक मिलियन यूएस डालर (लगभग 7.5 करोड़ रुपये) दान देने की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहद खुशी की बात है और ऐसे प्रयास उच्च शिक्षा क्षेत्र में प्रेरक उदाहरण बनते हैं। ऐसे उदाहरणों की देश में कोई कमी नहीं है। मूल रूप से जिला ऊना के पनोह गांव के रहने वाले जय क्लाउड बेस्ड इन्फार्मेशन सिक्योरिटी फर्म जी स्कैलर के संस्थापक और सीईओ हैं।

जय आइआइटी (बीएचयू) के इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग के 1980 बैच के छात्र रहे हैं। पीएम के कार्यक्रम में जय चौधरी का जिक्र होने पर ऊना में रह रहे उनके बड़े भाई दलजीत सिंह व स्वजन की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। दलजीत ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री ने जय के कार्यों से प्रभावित होकर उनकी सराहना की। देश के विकास में अंशदान के लिए जय का नाम जुड़ा है। जय चौधरी भी कह चुके हैं कि आइआइटी (बीएचयू) की शिक्षा ने मुझे व्यवसाय की दुनिया के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र रहे जय चौधरी ने साढ़े सात करोड़ की राशि बीएचयू के आइटी विभाग को दी है। इस राशि से संस्थान में एक साफ्टवेयर इनोवेशन सेंटर स्थापित होगा। यह ऐसा मंच होगा, जहां छात्र साफ्टवेयर विकास, क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, आइओटी और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में सीखने और नवाचार करने में सक्षम होंगे।

आइआइटी (बीएचयू) और संस्थान के ही छात्र दीप जरीवाला (एमईटी 10) के सहयोग से एक संकाय सदस्य का चयन किया जाएगा, जो जय चौधरी प्रोफेसर आफ साफ्टवेयर इनोवेशन सेंटर का प्रबंधन संभालेगा। प्रोफेसरशिप और इनोवेशन सेंटर के अलावा जय चौधरी की ओर से दी गई राशि से साफ्टवेयर नवाचार पर व्याख्यान शृंखला और एक साफ्टवेयर प्रौद्योगिकी बीज कोष भी गठित होगा।जय चौधरी रोजाना 153 करोड़ रुपये की कमाई कर रहे हैैैं। हुरुन इंडिया रिच लिस्ट में उनका नाम दुनिया के शीर्ष अरबपतियों में है। अमेरिका में बसे 63 वर्षीय जय चौधरी की साइबर सिक्योरिटी फर्म जी स्कैलर में 42 फीसद हिस्सेदारी है। अमेरिका, जापान सहित कई देशों में इस कंपनी के कार्यालय हैं। भारत में चंडीगढ़, दिल्ली व बेंगलुरु जैसे महानगरों में कंपनी के कार्यालय हैं। जय 1,21,600 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं। उन्होंने वर्ष 202-21 के दौरान कोरोना काल में भारत सरकार को 22 करोड़ रुपये की मदद दी थी।

जय चौधरी ने संघर्ष के बूते फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है। उनके पिता भगत ङ्क्षसह किसान थे। उन दिनों हालात ऐसे थे कि घर मेें बिजली के बिना भी जय चौधरी ने समय व्यतीत किया। परिवार में तीन भाई थे। जय के पिता भगत सिंह, माता सुरजीत कौर और भाई प्यारा सिंह उनके साथ रह रहे हैं। जय 10वीं कक्षा की पढ़ाई के लिए नजदीकी गांव धुसाड़ा में चार किलोमीटर दूर नंगे पांव जाते थे।

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