डॉ0 धन सिंह रावत – कांवड़ यात्रा में दुरस्त रखें स्वास्थ्य व्यवस्था, कहा, मुख्य चिकित्साधिकारी रखें व्यवस्थाओं पर कड़ी निगरानी

डॉ0 धन सिंह रावत – कांवड़ यात्रा में दुरस्त रखें स्वास्थ्य व्यवस्था, कहा, मुख्य चिकित्साधिकारी रखें व्यवस्थाओं पर कड़ी निगरानी

देहरादून:-  कावाड़ यात्रा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का चाक-चौबंद रखा जाय। यात्रा के दौरान जरूरतमंदों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित की जाय। कांवड यात्रा क्षेत्र में संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर कड़ी निगरानी रखेंगे। यात्रा क्षेत्र में 40 चिकित्सा सुविधा केन्द्र संचालित होंगे, जिनमें स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। बरसात में डेंगू का ख़तरा बढ़ जाता है, डेंगू संक्रमण से बचने के लिये अभी से प्रभावी कदम उठाये जाये। डेंगू के मरीजों का प्राथमिकता के साथ उपचार करें। एसपीएस अस्पताल ऋषिकेश में शीघ्र सर्जन की तैनाती की जायेगी। आईसीयू यूनिट संचालन के लिये 10 स्टॉफ नर्स व चार वार्ड ब्वॉय तैनात किये जायेंगे।

यह बात सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज एसपीएस राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में कांवड़ यात्रा को लेकर आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कहा कि राज्य में कांवड़ यात्रा शीघ्र शुरू होने वाली है, ऐसे में विभागीय अधिकारी अलर्ट मोड़ पर रहे। डॉ0 रावत ने मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून, टिहरी एवं हरिद्वार को कांवड़ यात्रा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि तीनों जनपदों के अंतर्गत कावड़ यात्रा क्षेत्र में 40 चिकित्सा सुविधा केन्द्र संचालित किये जायेंगे। जिसमें से 25 हरिद्वार जनपद जबकि 15 चिकित्सा सुविधा केन्द्र टिहरी व पौड़ी जनपद में संचालित किये जायेंगे। जिसमें दो बेड रिसर्व रखे जाय ताकि किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं को उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

विभागीय मंत्री ने आकस्मिक सेवाओं के लिए एंबुलेंस और 108 वाहन तैनात करने के साथ-साथ भीड़-भाड वाले क्षेत्रों में बाइक एम्बुलेंस तैनात करने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारियों को दिये। डॉ0 रावत ने बताया कि एसपीएस राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में शीघ्र ही सर्जन की नियुक्ति की जायेगी, इसके अलावा अस्पताल में आईसीयू यूनिट के संचालन के लिये 10 स्टाफ नर्स व चार वार्ड ब्वॉय की तैनाती की जायेगी। डॉ0 रावत ने कहा कि बरसात में डेंगू का ख़तरा बढ़ जाता है, ऐसे में डेंगू संक्रमण से बचने के लिये अभी से प्रभावी कदम उठाये जाये। उन्होंने डेंगू के मरीजों का प्राथमिकता के साथ उपचार करने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारियों को दिये। साथ ही जिला मलेरिया इकाई को डेंगू को लेकर अलर्ट रहने एवं जगारूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिये।

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