चार धाम यात्रा को देखते हुये यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले अस्पतालों को सुविधा के साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था भी की जायेगी

चार धाम यात्रा को देखते हुये यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले अस्पतालों को सुविधा के साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था भी की जायेगी

देहरादून:- प्रदेश में अगले माह से शुरू होने वाली चार धाम यात्रा को देखते हुये स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। जिसके तहत यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले अस्पतालों को और सुविधा सम्पन्न बनाया जायेगा। इन अस्पतालों में ईसीजी सुविधा के साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था भी की जायेगी। जिला अस्पतालों को स्वास्थ्य मंत्रालय एवं महानिदेशालय से जोड़ने के लिए डेश-बोर्ड की स्थापना की जायेगी, सभी जिला अस्पतालों को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखा जायेगा। कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप को देखते हुये सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा गया।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज स्वास्थ्य महानिदेशालय में विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें अधिकारियों को चार धाम यात्रा रूट पर पड़ने वाले अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही ईसीजी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा के दौरान यात्रियों को बेहत्तर चिकित्सकीय सुविधा देने की जिम्मेदारी संबंधित सीएमओ की होगी।

प्रदेशभर के जिला अस्पतालों को सीधे स्वास्थ्य मंत्रालय व स्वास्थ्य महानिदेशालय से जोड़ने के उद्देश्य से प्रत्येक जिला अस्पताल में डैश-बोर्ड की स्थापना के निर्देश अधिकारियों को दिये गये। ताकि जिला अस्पतालों की गतिविधियों पर उच्च स्तर से भी निगरानी रखी जा सके। इसके अलावा जिला अस्पतालों की कार्यप्रणाली एवं अन्य सुविधाओं की निगरानी के लिए सीसीटीबी कैमरे लगाने का निर्णय बैठक में लिया गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों की ओपीडी एवं ईपीडी के आधार पर रैकिंग की जायेगी। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रचार-प्रसार को व्यापक एवं प्रभावी बनाने के लिए विभाग के आईईसी सेल को अपग्रेड करने के निर्देश दिये गये। कोविड-19 के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुये सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को अलर्ट रहने के साथ ही इस महामारी से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा गया है। इसके अलावा प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में रह रहे लोगों को बेहत्तर टेली चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से टेली मेडिसिन सेवा को 104 हेल्प लाइन नम्बर से जोड़ने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये।

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