‘न’ सुरक्षाकर्मियों की फौज और ‘न’ अधिकारियों की टोली, CM धामी के सौम्य, सरल स्वभाव, मिलनसार ब्यवहार का हर कोई मुरीद

‘न’ सुरक्षाकर्मियों की फौज और ‘न’ अधिकारियों की टोली, CM धामी के सौम्य, सरल स्वभाव, मिलनसार ब्यवहार का हर कोई मुरीद

गरुड़, बागेश्वर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सौम्य, सरल स्वभाव का हर कोई मुरीद है। खटीमा की जनता तो पहले से उनके मिलनसार ब्यवहार की कायल थी ही अब पूरे प्रदेश की जनता उनकी कायल है। राज्य के वह पहले मुख्यमंत्री हैं जो प्रोटोकॉल की प्रवाह न कर हर समय जनता के बीच उपलब्ध रहते हैं। जब भी जहां भी मौका मिलता है वह जनता के बीच जाकर सरकार के कामकाज का फीडबैक लेते हैं और जनता से मिलने वाले सुझावों पर अमल भी करते हैं। मुख्यमंत्री की इसी लोकप्रियता से उनके विरोधी ही नहीं विपक्ष भी चारों खाने चित नज़र आता है।

आज तड़के उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बिना किसी सुरक्षा के जनपद बागेश्वर के गरुड़ क्षेत्र में प्रातः काल भ्रमण के दौरान बड़े ही सरल और सहज स्वभाव के साथ लोगों का अभिवादन स्वीकार कर उनके साथ जन संवाद स्थापित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यह भली-भांति समझते हैं कि पर्वतीय संस्कृति के अनुरूप उन्हें एक आम व्यक्ति की तरह ही जनता का आदमी बनकर जनता से मिलना पड़ेगा, तभी वो सही मानने में धरातल पर उतर कर जनता की समस्याओं को समझ पाएंगे। लिहाजा सीएम अब अक्सर पर्वतीय जनपदों के दौरे के दौरान बिना किसी सुरक्षा के अकेले ही भ्रमण पर निकल रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री को जेड प्लस की सुरक्षा मिली हुई है। प्रात: काल भ्रमण पर निकलने के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी सहज तरीके से लोगों से जन संवाद भी स्थापित कर रहे है।

आप जरा इन तस्वीरों में देखिए आज तड़के जब CM बागेश्वर जनपद के गरुड़ क्षेत्र में भ्रमण के लिए निकले तो उनकी सुरक्षा में एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। देखिए किस तरह से बड़े ही सरल स्वभाव के साथ CM लोगों का अभिवादन स्वीकार कर उनके साथ जन संवाद स्थापित कर रहे है। इसी प्रकार बीते 13 अगस्त को चंपावत के लोहाघाट में प्रातः काल CM अकेले ही बिना किसी सुरक्षा के भ्रमण पर निकल गए, इस दौरान CM ने बड़े ही सहज तरीके से लोगों का अभिवादन स्वीकार कर उनसे जनसंवाद भी स्थापित किया ।

दरअसल आम तौर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अक्सर कमांडो और सुरक्षाकर्मियों से घिरे रहते हैं पर जब भी CM धामी देवभूमि के पर्वतीय जनपदों के भ्रमण के दौरान रात्रि विश्राम करते हैं तो वह प्रात:काल भ्रमण पर बिना किसी सुरक्षा के ही निकल जाते हैं। बिना सुरक्षा के भ्रमण पर निकलने के बाद मुख्यमंत्री अपने सरल स्वभाव के अनुरूप लोगों से जन संवाद स्थापित करते हैं और लोग भी उनसे दिल खोलकर मिलते है। साथ ही साथ लोगों से जन संवाद के दौरान बातों ही बातों में सीएम क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों और जन समस्याओं की जानकारी भी ले लेते हैं। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धनी जिस तरह से बीना किसी सुरक्षा और तामझाम के सरल स्वभाव के साथ लोगों के साथ जन संवाद स्थापित कर रहे हैं वो चौबीसों घंटे भारी भरकम सुरक्षा के घेरे में रहने वाले अन्य राजनेताओं के लिए एक उदाहरण है।

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