जनवरी 2022 में रिलायंस जियो ने 2.24 प्रतिशत ग्राहक गंवा दिये वहीं भारती एयरटेल ने 0.20 प्रतिशत की मासिक वृद्धि के साथ नये ग्राहक जोडऩे में सफल रही

जनवरी 2022 में रिलायंस जियो ने 2.24 प्रतिशत ग्राहक गंवा दिये वहीं भारती एयरटेल ने 0.20 प्रतिशत की मासिक वृद्धि के साथ नये ग्राहक जोडऩे में सफल रही

नई दिल्ली: वायरलेस टेलीफोन बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी रिलायंस जियो की इस वर्ष जनवरी में 9322583 उपभोक्ताओं ने सेवा छोड़ दी जबकि इस अवधि में मात्र एकमात्र भारती एयरटेल 714199 नये ग्राहकों को जोडऩे में कामयाब रही है।

दूरसंचार नियामक ट्राई की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2022 में रिलायंस जियो ने 2.24 प्रतिशत यानी 93 लाख 22 हजार 583 ग्राहक गंवा दिये वहीं इस दौरान भारती एयरटेल एकमात्र ऐसी कंपनी रही, जिसने 0.20 प्रतिशत की मासिक वृद्धि के साथ 7 लाख 14 हजार 199 नये ग्राहक जोडऩे में सफल रही। हालांकि उसने अपने कुल उपभोक्तओं की संख्या में टाटा टेलीसर्विसेज के ग्राहकों की संख्या को शामिल किया है।

आलोच्य अवधि में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के 0.33 प्रतिशत यानी 377520 ग्राहक, वोडाफोन आइडिया के 0.15 प्रतिशत 389082 ग्राहक, रिलायंस कम्युनिकेशंस के 0.08 प्रतिशत यानी तीन और एमटीएनल के 0.01 प्रतिशत अर्थात 431 उपभोक्तओं ने सेवा छोड़ दी है।

इस दौरान रिलायंस जियो की बाजार हिस्सेदारी सबसे अधिक 35.49 प्रतिशत रही। इसके बाद एयरटेल 31.13 प्रतिशत, वोडाफोन आइडिया 23.15 प्रतिशत, बीएसएनएल 9.95 प्रतिशत, एमटीएनएल 0.28 प्रतिशत और रिलायंस कम्युनिकेशंस की बाजार हिस्सेदारी 0.0003 प्रतिशत रही। 31 जनवरी 2022 की स्थिति के अनुसार, निजी सेवा प्रदाताओं के पास वायरलेस उपभोक्ताओं की संख्या का 89.76 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी थी जबकि दो सार्वजनिक क्षेत्र के टेलीफोन सेवा प्रदाताओं बीएसएनएल और एमटीएनएल के पास 10.24 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी थी।

इस तरह दिसंबर 2021 तक कुल मोबाइल फोन उपभोक्तओं की संख्या एक अरब 15 करोड़ 46 लाख 20 हजार थी, जो जनवरी 2022 में 0.81 प्रतिशत घटकर एक अरब 14 करोड़ 52 लाख 40 हजार रह गई। इस दौरान वायरलेस दूरसंचार घनत्व 84.17 प्रतिशत से कम होकर 83.43 प्रतिशत पर आ गई।

आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में देश में टेलीफोन उपभोक्ताओं की संख्या एक अरब 17 करोड़ 84 लाख 10 हजार से 0.76 प्रतिशत घटकर एक अरब 16 करोड़ 94 लाख 60 हजार पर आ गई। इस दौरान समग्र देश में दूरसंचार घनत्व 85.91 प्रतिशत से कम होकर 85.19 प्रतिशत रह गया है।

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