कोरोना की पहली लहर के दौरान रखे गए थे वॉलिंटियर्स, जान की बाजी लगाकर करते रहे काम अब सरकार ने दिखा दिया बाहर का रास्ता

कोरोना की पहली लहर के दौरान रखे गए थे वॉलिंटियर्स, जान की बाजी लगाकर करते रहे काम अब सरकार ने दिखा दिया बाहर का रास्ता

देहरादून:-  उत्तराखंड भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में राज्य के युवाओं को 50,000 सरकारी नौकरी देने का वादा किया था जिसमें से 24000 नौकरी सत्ता में आते ही उपलब्ध कराने की बात उत्तराखंड दृष्टि पत्र 2022 में की गई है लेकिन इसके उलट अभी सरकार का शपथ ग्रहण भी नहीं हुआ कि स्वास्थ्य विभाग से संबंध 462 युवाओं को नौकरी से बाहर कर दिया गया है।

किसी ने सच कहा है कि घोषणा पत्र में किए गए वादे महज एक औपचारिकता होते हैं और इनका वास्तविकता से कोई अधिक लेना-देना नहीं रहता। उत्तराखंड में यह साकार होता हुआ नजर आने लगा है क्योंकि अभी सरकार का गठन भी नहीं हुआ और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े 462 युवाओं को नौकरी से बाहर कर दिया गया है। इन लोगों को कोरोनावायरस की पहली लहर के दौरान काम पर रखा गया था यह सभी लोग उपनल के माध्यम से रखे गए थे लेकिन कोरोनावायरस का असर कम होने के साथ ही अब विभाग और सरकार को इनकी जरूरत नहीं रही लिहाजा एक फरमान जारी कर 31 मार्च के बाद सभी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

सरकार के इस फैसले से सभी हतप्रभ हैं साथ ही युवाओं को भी बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड में डबल इंजन सरकार अपनी पारी दोहराने वाली है और जिस प्रकार का पहला झटका युवाओं को दिया गया है उसके बाद भाजपा के घोषणापत्र पर भी अब सवाल उठने लगे हैं। बहरहाल इन 462 वॉलिंटियर्स का 31 मार्च के बाद क्या होगा यह अभी तय नहीं है लेकिन फिलहाल 31 मार्च के बाद यह लोग स्वास्थ्य विभाग का हिस्सा नहीं रहेंगे।

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