दाल-रोटी मंहगी होने के बाद सब्जियों के भी दाम आसमान छूने लगे

दाल-रोटी मंहगी होने के बाद सब्जियों के भी दाम आसमान छूने लगे

चंडीगढ़: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद महंगाई का बोझ जनता पर पड़ना शुरू हो गया है। जहां एक तरफ पिछले दो दिन से लगातार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा हो रहा है। वहीं इनकी बढ़ती कीमतों का असर रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी पड़ना शुरू हो गया है। हालात यह बन गए हैं कि अब दाल-रोटी मंहगी होने के बाद सब्जियों के भी दाम आसमान छूने लगे हैं।

हालात यह हैं कि सब्जियां आम आदमी की थाली से गायब होने लगी हैं। जालंधर में सब्जियों के दाम की बात करें तो आमतौर पर 50-60 रुपये किलो बिकने वाली भिंडी 120 रुपये किलो तक पहुंच गई है। इसके अलावा गर्मी का सीजन आने के साथ नींबू भी 200 रुपये किलो के पार पहुंच गया है। इसके अलावा करेला 100 रुपये, गोभी 30 रुपये, टमाटर 50 रुपये, शिमला मिर्च 60 रुपये, बैंगन 40 रुपये, मशरूम 130 रुपये, घीया 40 रुपये, गाजर 40 रुपये, खीरा और अदरक 50 रुपये, प्याज 40 रुपये, आलू 30 रुपये किलो तक बिक रहा है।

सब्जी के पेशे से जुड़े जानू अरोड़ा का कहना है कि अभी सब्जियों के भाव में नरमी आने की कोई उम्मीद नहीं है। अगर पेट्रोल-डीजल के रेट और बढ़ते हैं तो सब्जियों के दाम में भी और इजाफा हो सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि सब्जियां काफी हद तक दूसरे राज्यों से पंजाब में आती हैं। अगर पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा होता है तो सब्जियों को लाने-ले जाने का खर्च भी बढ़ जाता है। इस कारण दुकानदारों को सब्जियों के दाम बढ़ाने पड़ते हैं। यही वजह है कि अभी सब्जियों के दाम में नरमी आने की संभावना कम ही है।

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